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Tuesday, March 13, 2012

Rangat Rang to Shyam Rang




 रंगात  रंग  तो  श्याम  रंग पाहण्या नजर  भिरभिरते
 ऐकून  तान  विसरून  भान  ही  वाट  कुणाची  बघते
 या  सप्तसुरांच्या  लाटेवरूनी साद  ऐकुनी  होई ,
 राधा  ही...  बावरी, हरीची राधा ही बावरी     x 2     || धृ  ||

हिरव्या  हिरव्या झाडांची पिवली पाने  झुलताना
चिंब  चिंब देहावरूनी श्रावंधारा झरताना
हा  दरवलनारा गंध  मातीचा  मनात  बिलगून  जाई, 
हा  उनाड  वारा  गुज  प्रितीचे  कानी  सांगुन जाई,
या सप्तसुरांच्या  लाटेवरूनी साद  ऐकुनी  होई, 
राधा ही...  बावरी,  हरीची राधा ही बावरी     x 2    || 1 ||

आज  इथे  या  तरुतली  सुर  वेनुचे  खुणावती
तुझ  सामोरे  जातांना  उगा  पाउले घुटमलती
हे  स्वप्न  असे  कि  सत्य  म्हणावे  राधा  हरपून जाई,
हा  चंद्र  चांदणे  ढगा आडुनी  प्रेम  तयांचे पाही
या सप्तसुरांच्या  लाटेवरूनी साद  ऐकुनी  होई, 
राधा ही...  बावरी,  हरीची राधा ही बावरी     x 2    || 2 ||

 रंगात  रंग  तो  श्याम  रंग पाहण्या नजर  भिरभिरते
 ऐकून  तान  विसरून  भान  ही  वाट  कुणाची  बघते
 या  सप्तसुरांच्या  लाटेवरूनी साद  ऐकुनी  होई ,
 राधा  ही...  बावरी, हरीची राधा ही बावरी    x 2



Rangat rang to shyam rang
Radha hi bawari
swapnil bandodkar